दूल्हा 150 बाराती लेकर पहुंचा, दुल्हन गायब, ऑनलाइन तय हुई शादी में धोखा
पंजाब: जालंधर के मंडियाली गांव के 24 वर्षीय दीपक को उनकी शादी के दिन बड़ा धोखा मिला। दुबई में मजदूरी करने वाले दीपक ने 150 बारातियों के साथ मोगा शहर में शादी के लिए जब कदम रखा, तो उन्हें पता चला कि न दुल्हन है, न उसके घरवाले, और न ही शादी का तय वेन्यू "रोज गार्डन पैलेस" मौजूद है। यह शादी सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती का नतीजा थी, जो अंततः धोखाधड़ी साबित हुई।
सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी
दीपक और मनप्रीत कौर की मुलाकात तीन साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। दोनों के बीच ऑनलाइन बातचीत और वीडियो कॉल पर रिश्ता मजबूत हुआ। मनप्रीत ने खुद को वकील बताया और दावा किया कि वह फिरोजपुर में काम करती है। परिवारों ने भी फोन पर बातचीत कर रिश्ता तय किया।
शादी के दिन क्या हुआ?
6 दिसंबर को दीपक अपनी सजी-धजी बारात लेकर मोगा पहुंचे। जब बारात तय पते पर पहुंची, तो पता चला कि वहां "रोज गार्डन पैलेस" नाम की कोई जगह ही नहीं है। दुल्हन और उसके परिवार का कोई अता-पता नहीं था।
फोन कॉल और इंतजार का अंत
शुरुआत में दुल्हन ने फोन पर कहा कि उसके परिवार वाले थोड़ी देर में पहुंचेंगे, लेकिन पांच घंटे इंतजार के बाद भी कोई नहीं आया। बाद में दुल्हन का फोन स्विच ऑफ हो गया।
पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
दीपक और उनके परिवार ने मोगा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। दीपक ने बताया कि शादी के खर्च के लिए मनप्रीत ने उससे 50,000 रुपये भी लिए थे।
पुलिस कर रही है जांच
मोगा सिटी साउथ पुलिस थाने के एएसआई हरजिंदर सिंह ने कहा कि महिला की पहचान और लोकेशन के लिए कॉल रिकॉर्ड और बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है।
दीपक का दर्द
दीपक ने कहा, "मैंने मनप्रीत से कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं की थी। अब मुझे उसकी तस्वीरों और उसके पूरे वजूद पर शक है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा धोखा है।"
सतर्क रहने की अपील
यह घटना एक बड़ा सबक है कि ऑनलाइन रिश्तों और अंजान लोगों से बातचीत में सतर्कता बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात और पुख्ता जांच जरूरी है।