किराए के मकान में रहकर दंपति जीते थे राजा जैसी जिंदगी कमाई का जरिया जानकार आप हैरान हो जाओगे !
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया। सिरोल थाना क्षेत्र में रहने वाले एक पति-पत्नी ने 25 लाख रुपये की ठगी कर इलाके से फरार हो गए। दंपति न केवल इलाके में शाही जिंदगी जी रहे थे, बल्कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए SBI का कियोस्क सेंटर भी चला रहे थे।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
अर्चना गांगिल और उनके पति निलेश गांगिल नामक इस दंपति ने लोगों से उनके बैंक खाते का बैलेंस चेक करने के बहाने अंगूठे का निशान लिया। इन निशानों का इस्तेमाल वे ग्राहकों के खातों से पैसा ट्रांसफर करने के लिए करते थे। उनके इस धोखाधड़ी का शिकार डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग हुए, जिनमें से कई ने सिरोल थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
फरारी और खुलासा
इस मामले का खुलासा 21 अक्टूबर 2024 को तब हुआ, जब निलेश और अर्चना अचानक गायब हो गए। उन्होंने अपने किराए के मकान को खाली कर दिया और कियोस्क सेंटर भी बंद कर दिया। मकान मालिक ने बताया कि दंपति अपना सारा सामान समेटकर कहीं और चले गए हैं। यह सुनते ही खाताधारकों के होश उड़ गए।
जब ठगी का शिकार लोग कियोस्क सेंटर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दंपति ने मकान और दुकान दोनों बेच दिए हैं। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी।
पुलिस में शिकायत दर्ज
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस धोखाधड़ी में करीब 25 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। पुलिस फरार दंपति की तलाश में जुटी हुई है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
यह मामला एक बड़ी सीख है कि अपने बैंक खातों की जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा किसी को भी देने से पहले सतर्क रहें। धोखाधड़ी के इस तरह के मामलों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
ग्वालियर की यह घटना यह साबित करती है कि भरोसे का गलत इस्तेमाल किस हद तक लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस जल्द ही दोषियों को पकड़कर कानून के तहत कड़ी सजा दिलाएगी।