सूर्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई, नाबालिग लड़की के प्रसब पर, प्रशासन ने हॉस्पिटल को किया बंद
सागर। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सूर्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रेलवे स्टेशन रोड, सागर को बंद कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ममता तमौरी के नेतृत्व में की गई। हॉस्पिटल पर नाबालिग लड़की के प्रसव से जुड़ी अनियमितताओं और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप है।
क्या है मामला?
26 अक्टूबर 2024 को सूर्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक नाबालिग लड़की का प्रसव कराया गया था। इस घटना की जानकारी जिला प्रशासन को मिलने के बाद, 27 नवंबर 2024 को जिला नोडल टीम ने हॉस्पिटल की जांच की। जांच के दौरान प्रसव से जुड़े दस्तावेजों की मांग की गई और हॉस्पिटल को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया।
पंजीयन प्रक्रिया में गड़बड़ी
हॉस्पिटल की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। 14 अक्टूबर 2024 को हॉस्पिटल के पंजीयन में डॉक्टर राहुल धाकड़ (एमबीबीएस) की जगह डॉक्टर प्रदीप रोहण (एमबीबीएस, एमडी) का नाम दर्ज किया गया था। हालांकि, सहमति पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज पंजीयन के साथ जमा नहीं किए गए। जब डॉक्टर प्रदीप रोहण से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सहमति पत्र देने का आश्वासन दिया, लेकिन 28 नवंबर 2024 तक दस्तावेज जमा नहीं किए गए।
कार्रवाई का अंजाम
30 नवंबर 2024 को, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार गठित जांच दल ने सूर्या मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का दौरा किया और अनियमितताओं के आधार पर हॉस्पिटल को बंद कर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की मांग
यह कार्रवाई जिला प्रशासन की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिशों का हिस्सा है। नाबालिगों के प्रसव जैसे गंभीर मुद्दे और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में अनियमितताएं समाज और कानून के लिए गंभीर चुनौती हैं।
आगे की प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं की जांच जारी रहेगी। यदि हॉस्पिटल प्रशासन दोषी पाया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से सागर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।