वार्ड क्रमांक 1 का ऐतिहासिक कुआं भसका नगर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा असर
बड़ा हादसा होने से टला क्योंकि इस कुए से नगर परिषद की जल सप्लाई सहित वार्डवासी पानी भरते थे
तेंदूखेड़ा। नगर के वार्ड क्रमांक 1 में स्थित एक पुराना कुआं बुधवार दोपहर अचानक भसक जाने से पानी की कुछ समस्या की स्थिति निर्मित हो गई। कुआं भसकने की घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और नगर परिषद की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की जाने लगी।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार उक्त कुएं की मरम्मत लगभग 15 वर्ष पूर्व नगर परिषद द्वारा कराई गई थी। उस दौरान कुएं की ईंटों की जुड़ाई सहित अन्य आवश्यक कार्य किए गए थे, लेकिन इसके बाद नगर परिषद ने इसकी नियमित देखरेख और रखरखाव की ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि समय के साथ कुएं की स्थिति लगातार जर्जर होती चली गई, वहीं इसके आसपास अतिक्रमण भी बढ़ता गया, जिसके कारण संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा।
जानकारी के अनुसार यह कुआं नगर परिषद की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र था। यहां से नगर परिषद के टैंकरों में पानी भरा जाता था। साथ ही बोरवेल से पानी सीधे कुएं में छोड़ा जाता था, जहां से नगर के कुछ वार्डों में पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। बावजूद इसके, कुएं की खराब होती स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप बुधवार को कुएं का हिस्सा अचानक भसक गया।
कुएं के भसकने से अब नगर परिषद की टैंकर आधारित जलापूर्ति एवं इससे जुड़े कुछ वार्डों में होने वाली नियमित पानी की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। नगर परिषद को वैकल्पिक व्यवस्था करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद के जलप्रदाय प्रभारी रामकुमार यादव ने बताया कि उन्हें कुएं के भसकने की सूचना प्राप्त हुई है और वे मौके का निरीक्षण करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुआं किन कारणों से भसका है, इसका आकलन स्थल निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति बनाए रखने के लिए किसी अन्य बोरवेल अथवा वैकल्पिक स्रोत से व्यवस्था करने के प्रयास किए जाएंगे
वहीं गनीमत यह रही जिस समय कुआं भसका का उस समय कोई कुँए से पानी नहीं भर रहा था नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था और कई लोगों की जान जा सकती थी