तेंदूखेड़ा में पेयजल संकट गहराया, धीमी जलापूर्ति और अनियमित वितरण से नागरिकों में आक्रोश विद्युत मोटर लगाने के बाद 10 मिनट में भर रहा एक गुम्मा पानी
तेंदूखेड़ा। भीषण गर्मी के बीच नगर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है। नलों में पानी का दबाव बेहद कम होने से स्थिति यह है कि विद्युत मोटर लगाने के बाद एक गम्मा भरने में लगभग 10 मिनट का समय लग रहा है, यदि मोटर नहीं लगे तो पानी ही नहीं आ रहा है जिससे नगर की समस्त वार्डों में नागरिकों में असंतोष और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगरवासियों का आरोप है कि जलापूर्ति व्यवस्था में भारी असमानता देखने को मिल रही है। वार्ड क्रमांक 9 के निवासी रंजीत साहू ने आरोप लगाया कि जल सप्लाई करने वाले कर्मचारी कुछ वार्डों जैसे 13, 14 और 15 में बेहतर जलापूर्ति देते हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 9 सांदीपनि विद्यालय के सामने बनी कॉलोनी में में पिछले लगभग 5 दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा वाल्व को पूरी तरह न खोले जाने के कारण भी पानी की गति अत्यंत धीमी रहती है और लोगों को पर्याप्त जल नहीं मिल पाता। नगर के अन्य नागरिकों ने भी बताया कि जल वितरण में पारदर्शिता नहीं है और सप्लाई का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं होने से लोग समय पर पानी संग्रह नहीं कर पा रहे हैं। कई स्थानों पर जल आपूर्ति रुक-रुक कर और बेहद कम दबाव के साथ हो रही है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। नगर परिषद के जल सप्लाई प्रभारी रामकुमार यादव ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति और तकनीकी कारणों से जल वितरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रही हैं, जिसके चलते कई बार सीधे लाइन से जलापूर्ति करनी पड़ रही है। कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर मिली शिकायतों पर उन्हें समझाइश दी जाएगी। नगर के विभिन्न वार्डों के नागरिकों ने मांग की है कि जलापूर्ति का निश्चित समय निर्धारित किया जाए, सभी वार्डों में समान रूप से पानी दिया जाए तथा कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिल सके। इस संबंध में एसडीएम सी.जी. गोस्वामी ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।