लोन दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 50 से अधिक परिवारों से 10 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी
सागर/शाहगढ़। क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर संचालित एक कथित फाइनेंस कंपनी द्वारा दर्जनों ग्रामीणों से लाखों रुपये की ठगी किये जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डीएसए इंडिया फाइनेंस सर्विस सेंटर के एजेंटों ने घर-घर जाकर लोगों को मकान, दुकान और व्यवसाय के लिये ऋण दिलाने का झांसा दिया तथा रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये वसूल लिये। जब लोन स्वीकृत करने का समय आया तो कंपनी के संचालक और एजेंट कार्यालय बंद कर फरार हो गये। पीड़ितों के अनुसार कंपनी ने करीब 50 से अधिक परिवारों से 10 लाख रुपये से ज्यादा की राशि एकत्र की। कई लोगों से 5 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक लिये गये और बदले में 65 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण दिलाने का वादा किया गया था। जब तय समय पर लोन नहीं मिला तो दर्जनों ग्रामीण शाहगढ़ के टीकमगढ़ रोड स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां कार्यालय पर ताला लटका मिला और कंपनी से जुड़े लोग गायब थे। इससे नाराज लोगों ने मौके पर हंगामा किया और बाद में शाहगढ़ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों और एजेंटों ने सुनियोजित तरीके से लोगों को झांसे में लेकर रकम वसूली। ग्रामीणों ने पुलिस से कड़ी कार्यवाही और अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुये शाहगढ़ पुलिस ने कंपनी से जुड़े दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया है। पुलिस ने मकान मालिक से भी जानकारी जुटाई, हालांकि मकान मालिक ने खुद को केवल किरायेदार संबंध तक सीमित बताते हुये कंपनी के संचालन से किसी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि कंपनी के लिये एजेंट के रूप में रहीम खान, सूरज सिंह लोधी, जगत पाल निवासी मवई और ललिता पटेल हनुमानतोरा सहित अन्य लोग काम कर रहे थे। इन्हीं लोगों ने ग्रामीणों से संपर्क कर लोन दिलाने के नाम पर रकम जमा कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की कार्यवाही अपेक्षाकृत धीमी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग ठगी का शिकार हुये हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर राशि वापस कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी संदीप खरे ने बताया कि कुछ पीड़ित अपनी जमा राशि वापस दिलाने की मांग लेकर थाने पहुंचे हैं। कंपनी के दो कर्मचारियों से पूछताछ जारी है तथा पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फर्जी फाइनेंस कंपनियों पर सख्त कार्यवाही की जाये ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति ऐसे झांसे का शिकार न बने।