झलौन के उप स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला, भवन निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
तेंदूखेड़ा। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत झलौन में निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पूर्व तैयार किए गए स्वास्थ्य केंद्र भवन का अब तक समुचित उपयोग शुरू नहीं हो सका है। भवन पर लगातार ताला लटका हुआ है और यहां न तो किसी चिकित्सक की नियमित पदस्थापना हुई है और न ही स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही हैं। रेवा आदिवासी, मुलायम सिंह ग्रामीणों का कहना है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था, लेकिन भवन बनने के बाद भी स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए भी अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। इसी बीच भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 49 लाख रुपये की लागत से निर्मित भवन में निर्माण कार्य पूर्ण होने के कुछ समय बाद ही दीवारों की पुट्टी झड़ने लगी है। अभी मानसून की बारिश भी शुरू नहीं हुई है, इसके बावजूद भवन की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता संबंधी खामियों की जांच नहीं की गई तो बारिश के मौसम में भवन को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों शारदा सिंह मिलन आदिवासी ने निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री एवं कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से निर्मित सार्वजनिक भवनों में गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय तक आमजन को उसका लाभ मिल सके। इसके अलावा ग्रामीणों मुकेश कुमार अल्केश कुमार ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में समीप स्थित शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का सुझाव है कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर के चारों ओर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाए, जिससे परिसर सुरक्षित रहे और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र चिकित्सक एवं आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति कर सेवाएं प्रारंभ की जाएं तथा भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।