नगर परिषद के मैदानी अमले की मनमानी से बिगड़ी पेयजल व्यवस्था, नागरिक परेशान
तेंदूखेड़ा। नगर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति व्यवस्था चरमराने से नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर नगर परिषद एवं प्रशासनिक अधिकारी बैठकों के माध्यम से सुचारु जलापूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मैदानी स्तर पर कार्यरत कुछ कर्मचारियों की मनमानी एवं अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर में पेयजल की आपूर्ति मुख्य रूप से नर्मदा जल परियोजना के माध्यम से की जाती है, जबकि जिन क्षेत्रों में नर्मदा जल नहीं पहुंच पाता, वहां नगर परिषद के बोरवेलों से जल सप्लाई की जा रही है। वर्तमान में नर्मदा जल आपूर्ति का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं होने के कारण दो से तीन दिन के अंतराल में किसी भी समय पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में नागरिक समय पर पानी नहीं भर पा रहे हैं और उन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से एक दिन छोड़कर नियमित जल आपूर्ति की व्यवस्था रही है, लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में जल वितरण का कोई तय समय नहीं होने से स्थिति और अधिक खराब हो गई है। वार्ड क्रमांक 8 के निवासी रमेश, अजय, अनिल, सौरभ सहित अन्य नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के कुछ कर्मचारी जल लाइन खोलने या संबंधित जानकारी मांगने पर अभद्र व्यवहार करते हैं तथा लोगों से उचित तरीके से बात नहीं करते। उनका कहना है कि नागरिक नियमित रूप से जलकर का भुगतान करते हैं, लेकिन पानी महीने में केवल 15 दिन ही उपलब्ध हो पाता है, जबकि शुल्क पूरे माह का वसूला जाता है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर परिषद पहले अपने कर्मचारियों को आमजन से शिष्टाचारपूर्वक व्यवहार करना सिखाए तथा जलापूर्ति का एक निश्चित समय निर्धारित करे, जिससे लोग अपनी दैनिक जरूरतों के लिए समय पर पानी संग्रह कर सकें। इस संबंध में जल सप्लाई प्रभारी रामकुमार यादव ने बताया कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा अनुचित व्यवहार किया जा रहा है तो उसे समझाइश दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा जल आपूर्ति कई बार बिजली बाधित होने के कारण प्रभावित होती है। बिजली आने के बाद पुनः जल सप्लाई शुरू की जाती है, जिसके चलते निश्चित समय तय नहीं हो पा रहा है। वहीं एसडीएम सी.जी. गोस्वामी ने कहा कि कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर परिषद कर्मचारियों की बैठक बुलाकर जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए जाएंगे।