नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, मानसून से पहले वार्डों में गंदगी का अंबार
तेंदूखेड़ा। मानसून की दस्तक से पहले नगर परिषद की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। नगर के विभिन्न वार्डों में फैली गंदगी, कचरे के ढेर और चोक पड़ी नालियां आने वाले दिनों में गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं। जबकि बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार साफ-सफाई बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील कर रहे हैं।
करीब 20 हजार आबादी वाले तेंदूखेड़ा नगर के 15 वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं तथा नालियां महीनों से साफ नहीं होने के कारण मलबे और गंदगी से भरी पड़ी हैं। स्थानीय लोग कलदीप,कमल ,रत्नेश का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और कई जगह दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
नगर परिषद द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, वहीं पर्याप्त सफाई कर्मचारी एवं संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था व्यवस्थित नहीं है। नागरिकों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी शिकायतों के बाद भी समय पर नहीं पहुंचते और वार्डों की उपेक्षा की जा रही है।
विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 8 और 9 में स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। यहां अधिकांश नालियां कचरे और सिल्ट से चोक हैं। कई स्थानों पर नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद केवल मुख्य मार्गों पर खानापूर्ति के लिए सफाई अभियान चलाती है, जबकि आंतरिक वार्डों की स्थिति बदहाल बनी हुई है।
नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के स्वच्छता प्रभारी और अधिकारी नियमित रूप से वार्डों का निरीक्षण नहीं करते। यदि अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें तो वास्तविक समस्याएं सामने आ सकती हैं और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय हो सकेगी।
इसके अलावा नगर में बढ़ते मच्छरों के बावजूद न तो नियमित फॉगिंग कराई जा रही है और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वार्डों में फॉगिंग मशीन तक नहीं चलाई गई, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
नगरवासियों ने मांग की है कि मानसून से पहले सभी वार्डों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए, नालियों की नियमित सफाई कराई जाए तथा फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि संभावित स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके।