वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से सटे गांव में बाघ का हमला, युवक घायल
रिपोर्ट - विशाल रजक
तेंदूखेड़ा। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से सटे मुहली पटना गांव में सोमवार को सुबह लगभग 10:00 बजे बाघ के हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। रिजर्व क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इसी के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की आशंका भी बढ़ी है। क्षेत्र में यह पहली घटना बताई जा रही है, जिसमें बाघ ने किसी व्यक्ति पर हमला किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुहली पटना निवासी सुदामा यादव 31 वर्ष सोमवार सुबह लगभग 9 बजे घर के समीप पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान बाड़े के पास झाड़ियों में छिपे एक बाघ पर उनकी नजर पड़ी। बाघ को देखते ही उन्होंने वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन बाघ ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। हमले में सुदामा यादव के हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घायल युवक ने बताया कि बाघ ने पहले उनका हाथ पकड़ लिया और बाद में पीठ पर पंजों से वार किया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिन्हें देखकर बाघ जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तत्काल रहली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सागर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। हाथ और पीठ पर गंभीर घाव होने के कारण उन्हें लगभग 10 टांके लगाए गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि चोटें गंभीर हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से स्थिति नियंत्रण में है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बाघ की गतिविधियों और पंजों के निशानों की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है तथा ग्रामीणों को रात के समय घरों से बाहर न निकलने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत मिल रहे थे तथा मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आई थीं, लेकिन समय रहते पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई
इनका कहना
टाइगर रिजर्व के मुहली रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि व्यक्ति पटना मोहाली गांव का रहने वाला है. गांव के विस्थापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. व्यक्ति और उसके परिवार को मुआवजा पैकेज भी मिल चुका है. फिर भी गांव के लोग अभी भी गांव में रह रहे हैं और छोड़कर नहीं गए हैं. यहां बाघों की संख्या बढ़ रही है और जिससे लोगों को खतरा बढ़ रहा है
इनका कहना
रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डॉ. रजनीश कुमार ने बताया कि घायल युवक का उपचार सागर में कराया जा रहा है लोगों ने बाघ को देखा है तथा शासन के नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया भी की जाएगी। व्यक्ति ने बाघ को देखा नहीं था वह बाघ के काफी नजदीक जा पहुंचा था जंगली बाघ का ही है