जनसुनवाई में केवट मोहल्ले की महिलाओं ने लगाई सीसी सड़क और नाली निर्माण की गुहार
तेंदूखेड़ा। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-1 स्थित केवट मोहल्ला की महिलाओं ने वर्षों से चली आ रही सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर शिव मंदिर से लगी कच्ची गली में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण कराने की मांग की। आवेदक सरस्वती केवट, पति अरविंद केवट, के नेतृत्व में पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि वे शिव मंदिर से लगी कच्ची गली में निवास करती हैं। बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कीचड़ और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। महिलाओं का कहना था कि इस समस्या के समाधान के लिए वे कई बार नगर परिषद में आवेदन एवं शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सड़क आज भी कच्ची है और वहां जल निकासी के लिए नाली की व्यवस्था नहीं होने से प्रत्येक वर्ष बरसात में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं ने मांग की कि शिव मंदिर से लगी कच्ची गली का शीघ्र सीसी सड़क निर्माण कराया जाए तथा दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके। जनसुनवाई के दौरान वंदना केवट, रजनी केवट, लक्ष्मी केवट और पुष्पा केवट सहित अन्य महिलाओं ने भी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान कराएगा, जिससे बरसात के मौसम में उन्हें होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके। नगर परिषद तेंदूखेड़ा के उपयंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व कुछ महिलाओं ने उन्हें इस समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर जलभराव की समस्या है, वहां तक कोई बड़ा वाहन या निर्माण संबंधी मशीनरी नहीं पहुंच सकती, जिससे कार्य कराने में तकनीकी कठिनाई आ रही है। इसके अलावा पानी की निकासी का भी फिलहाल कोई आसान विकल्प उपलब्ध नहीं है। उपयंत्री ने बताया कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद स्थिति का आकलन कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तथा समस्या के समाधान के लिए जो भी संभव होगा, उसके संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।