तेंदूखेड़ा में लगातार हो रहे हादसे बने चिंता का विषय, क्या जिम्मेदारों की लापरवाही पड़ रही भारी?
तेंदूखेड़ा। नगर एवं आसपास के क्षेत्र में पिछले लगभग छह माह से लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने आमजन में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। ताजा घटना गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे तारादेही मार्ग पर दरौली के समीप हुई, जहां सड़क किनारे खड़े एक पेड़ की भारी डाल अचानक गिरने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क किनारे खड़े जर्जर पेड़ों की अनदेखी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग राहुल चौकसे, धर्मपाल का कहना है कि इसी स्थान के समीप 9 जून की रात्रि इसी मार्ग पर एक विशालकाय पेड़ सड़क पर गिर गया था। सौभाग्य से उस समय कोई राहगीर उसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन पेड़ गिरने के कारण लगभग 10 घंटे तक मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध रहा। बाद में ग्रामीणों की मदद से पेड़ को काटकर रास्ता बहाल किया गया था। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क किनारे लगे खतरनाक पेड़ों की समुचित कटाई-छंटाई नहीं कराई गई, जिसके चलते अब एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। ग्रामीणों एवं राहगीरों का आरोप है कि तारादेही मार्ग पर कई पेड़ अब भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग की एसडीओ मनीषा मोगनिया पर मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहने तथा सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की उचित कटाई-छंटाई कराई जाती तो इस प्रकार की दुखद घटना टाली जा सकती थी। हालांकि, लगातार हो रहे हादसों के बीच स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े जर्जर एवं खतरनाक पेड़ों का तत्काल सर्वे कराकर उनकी वैज्ञानिक तरीके से कटाई-छंटाई कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं आगे भी दोहराई जा सकती हैं। इस संबंध में जब लोक निर्माण विभाग की एसडीओ मनीषा मोगनिया से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि पेड़ों की कटाई-छंटाई पूर्व में कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पेड़ की गिरी हुई डाल हटाने के लिए कर्मचारियों को जेसीबी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बुजुर्ग हैं और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनसे पेड़ों की कटाई-छंटाई का कार्य नहीं कराया जाता।