बंगाली डॉक्टर से इलाज पड़ा भारी, मजदूर की बेटी की मौत से गांव में आक्रोश
सागर/बण्डा। बण्डा के विनायका थाना क्षेत्र में एक कथित बंगाली डॉक्टर के इलाज के बाद 12 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम चक्रभारती नगर निवासी शंकर गौड़ की पुत्री कामती गौड़ को सोमवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे उपचार के लिये विनायका में क्लीनिक संचालित करने वाले प्रिंस बाला नामक कथित डॉक्टर के पास ले गये। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना समुचित जांच किये बच्ची को दो बोतल ड्रिप चढ़ाई और दवाइयां दी। उपचार के बाद डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि दवा के असर से बच्ची को नींद आयेगी और घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बाद परिजन बच्ची को घर ले आये। घर पहुंचने के बाद बच्ची लंबे समय तक नहीं जागी। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बण्डा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर विनायका थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। थाना प्रभारी भूपेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध क्लीनिक और कथित झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है। अब ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्यवाही और अवैध क्लीनिकों पर सख्त नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।