घटिया डामरीकरण की खुली पोल,एनएच 44 पर पांच किमी में उभरे एक सैकड़ा गड्ढे
सागर/मालथौन। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर कराया गया डामरीकरण पहली ही बारिश में उखड़ने लगा है। टोल प्लाजा मालथौन से अटाकार्नेलगढ़ के बीच महज पांच किलोमीटर के दायरे में एक सैकड़ा से अधिक गड्ढे उभर आये हैं। पिछले महीने ही सागर-ललितपुर सड़क मार्ग का डामरीकरण किया गया था, लेकिन पहली बरसात ने ही इस घटिया निर्माण कार्य की पोल खोलकर रख दी है। सड़क पर जगह-जगह कतार में गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में हो रही बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है। पानी भरे होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता है। इससे दो पहिया और चार पहिया वाहन अनियंत्रित हो रहे हैं। वाहन चालकों को हर समय गंभीर हादसों और वाहनों में टूट फूट की आशंका बनी रहती है। रात के समय स्थिति और भी ज्यादा जानलेवा हो जाती है। फोरलेन सड़क का रखरखाव कर रही संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं टोल कंपनी सिर्फ टोल टैक्स वसूलने और मलाई बटोरने में लगी है। मुसाफिरो की सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता से सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी एक महीने के भीतर सड़क का यह हाल होना बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यदि सड़क की गुणवत्ता उच्चस्तरीय जांच कराई जाये तो भ्रष्टाचार की पोल खुल जायेगी।