50 हजार में गुना, ढाई लाख में राजस्थान में बेचा
पुलिस ने 16 साल की लड़की को छुड़ाया, 5 आरोपियों पर रेप केस, 1 गिरफ्तार
सागर/खुरई। ग्रामीण थाना क्षेत्र से मानव तस्करी और नाबालिग के अपहरण का खुलासा पुलिस ने मंगलवार को किया। पिछले साल के दिसंबर में यहां एक 16 साल की लड़की को बहला फुसलाकर अगवा किया गया और फिर उसे दो अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। राजस्थान के बेहद दुर्गम पहाड़ी और रेतीले इलाके में अपनी जान जोखिम में डालकर खुरई पुलिस ने 30 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और लड़की को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस के मुताबिक लड़की खुरई के एक गांव में अपनी बुजुर्ग दादी के साथ रहती थी। उसके पिता मथुरा में मजदूरी करते हैं, जबकि अन्य भाई-बहन इंदौर में काम करते हैं। जब पिता घर लौटे और बेटी गायब मिली, तो उन्होंने 13 जून 2026 को खुरई ग्रामीण थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि पड़ोस में रहने वाला एक 26 वर्षीय दीपक कुर्मी युवक किशोरी को उसके भाई से मिलाने का झांसा देकर इंदौर ले जाने के बहाने अपने साथ ले गया था। लेकिन आरोपी उसे इंदौर ले जाने के बजाय गुना जिले में ले गया और वहां एक व्यक्ति को 50,000 में बेच दिया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने किशोरी को दो महीने तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। हद तो तब हो गई जब उस व्यक्ति के भाई ने भी लड़की के साथ गलत काम किया। गुना के आरोपी का जब मन भर गया, तो उसने किशोरी को राजस्थान के झालावाड़ जिले के घाटोली थाना क्षेत्र में एक दूसरे व्यक्ति को ढाई लाख में बेच दिया। वहां भी आरोपी और उसके एक रिश्तेदार ने किशोरी के साथ दरिंदगी की। इस नरक के बीच किशोरी को वहां बकरियां चराने के लिये भेजा जाता था। इसी दौरान उसने हिम्मत दिखाते हुये एक ग्रामीण का मोबाइल मांगकर अपने पिता को फोन लगाया और रोते हुये अपनी लोकेशन और पूरी आप बीती बताई। बेटी का फोन आते ही पिता ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद खुरई ग्रामीण थाना प्रभारी संतोष सिंह दांगी ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम जिसमें धर्मेंद्र शर्मा, जितेंद्र धाकड़, संजय जाट और कल्पना राव शामिल थे तुरंत राजस्थान के लिये रवाना हुई। जिस इलाके में लड़की को छुपाकर रखा गया था, वह पूरी तरह पहाड़ियों और रेतीले रास्तों से घिरा था। कार्यवाही के दौरान आरोपियों ने पुलिस को रोकने के लिये अपने घर की महिलाओं को आगे कर दिया और पुलिस से उलझ गये। बार-बार फोन की लोकेशन भी बदल रही थी, जिससे लड़की तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा था। लेकिन प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र शर्मा और टीम ने ठान लिया था कि वे खाली हाथ नहीं लौटेंगे। करीब 30 घंटे तक उस दुर्गम इलाके में घेराबंदी और निगरानी रखने के बाद पुलिस ने आखिरकार किशोरी को उनके चंगुल से छुड़ा लिया। खुरई ग्रामीण थाना प्रभारी संतोष सिंह दांगी ने बताया कि किशोरी ने अपने बयानों में इन सभी जगहों पर हुये यौन अपराधों की पुष्टि की है। मामले में किशोरी के पड़ोसी समेत कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया है। मामले की जांच कर रही एसआई दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपियों में से दोपक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार चल रहे बाकी के 4 आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।