तेंदूखेड़ा में सड़क हादसों पर लगेगा अंकुश, 7 ब्लैक स्पॉट चिन्हित
एसडीओपी अर्चना अहीर के नेतृत्व में एमपीआरडीसी एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण
तेंदूखेड़ा। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में एसडीओपी अर्चना अहीर के नेतृत्व में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) के महाप्रबंधक नितिन सर, दमोह यातायात प्रभारी दलबीर सिंह मार्को तथा थाना प्रभारी टीआई सरोज ठाकुर ने संयुक्त रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का विस्तृत निरीक्षण किया।
संयुक्त टीम ने सागर रोड स्थित नाग बाबा से लेकर जबलपुर रोड स्थित पंडा बाबा तक के पूरे मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की स्थिति, तीव्र मोड़, दृश्यता, यातायात का दबाव तथा पूर्व में हुई सड़क दुर्घटनाओं का तकनीकी विश्लेषण किया गया। निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने इस पूरे मार्ग पर कुल 7 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संभावना सर्वाधिक पाई गई।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि तेंदूखेड़ा–जबलपुर मार्ग का लगभग 15 किलोमीटर का हिस्सा अत्यधिक दुर्घटना संभावित है। इसके अतिरिक्त झलौन मार्ग, तेजगढ़ मार्ग तथा तारादेही मार्ग पर भी कई ऐसे स्थान चिन्हित किए गए, जहां समय-समय पर सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किए जाएंगे।
दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से अधिकारियों ने चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर सूचकांक बोर्ड, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड लिमिट बोर्ड तथा आवश्यकता अनुसार स्पीड ब्रेकर निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित किए। इन सुरक्षा उपायों के लागू होने से वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पूर्व जानकारी मिल सकेगी, जिससे वे अपनी गति नियंत्रित कर सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकेंगे और सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान एसडीओपी अर्चना अहीर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर सभी सुरक्षा कार्य शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभागीय समन्वय के साथ-साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज गति अथवा शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी।
दमोह यातायात प्रभारी दलबीर सिंह मार्को एवं थाना प्रभारी टीआई सरोज ठाकुर ने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान भी संचालित किए जाएंगे, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक नितिन सर ने बताया कि चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉटों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक निर्माण एवं सुधार कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे। विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक अधोसंरचनात्मक सुधार किए जाएंगे, जिससे मार्ग और अधिक सुरक्षित एवं सुगम बन सके।
प्रशासन की इस संयुक्त पहल से तेंदूखेड़ा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि समयबद्ध सुरक्षा उपायों, प्रभावी निगरानी, विभागीय समन्वय तथा जनसहभागिता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाकर आम नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इनका कहना है..
एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया कि एमपी आरडीसी ,यातायात प्रभारी दमोह ,नगर निरीक्षक के साथ क्षेत्र में हो रही दुर्घटनाओं के ब्लैक स्पॉटों को देखा गया है इन ब्लैक स्पॉट पर कैसे दुर्घटनाएं को रोका जा सकता है क्या-क्या करने की आवश्यकता है वह सभी चाहे जगह संकेतक बोर्ड स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर आदि लगाए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके साथ ही उन्होंने वाहन चालकों को अपील की है कि बे वाहन धीमी गति से चलाएं, नशे में वाहन ना चलाएं , दो पहिया वाहन चालक हेलमेट का इस्तेमाल करें बड़े वाहन सीट बेल्ट लगाकर ही वाहन चलाएं यदि वाहन चालकों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो चालानी कार्रवाई की जाएगी