बेटे पर फर्जी बंटवारे से जमीन अपने नाम कराने का आरोप
खुरई। ग्राम कुमरोल के 62 वर्षीय किसान उमराव कुशवाहा ने अपने बेटे पर अधिकारियों से मिलकर फर्जी तरीके से कृषि भूमि अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। किसान का कहना है कि उन्हें बिना किसी सूचना और सहमति के उनकी जमीन के बंटवारे का आदेश पारित कर दिया गया। उमराव कुशवाहा के नाम गांव में करीब 1 एकड़ 70 डिसमिल कृषि भूमि दर्ज है। उनका आरोप है कि उनकी दूसरी पत्नी के बेटे धर्मेंद्र कुशवाहा ने फर्जी बंटवारा प्रकरण तैयार कराकर करीब एक एकड़ जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। वही पहली पत्नी के बेटे कमल कुशवाहा के नाम करीब 51 डिसमिल और उनके अपने हिस्से में केवल 19 डिसमिल जमीन दर्ज कर दी गई। किसान का कहना है कि पूरा परिवार खेती पर निर्भर है और यही उनकी आजीविका का एक मात्र साधन है। उनके अनुसार नायब तहसीलदार न्यायालय से 22 जून को बंटवारे का आदेश पारित किया गया, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें 1 जुलाई को मिली। उनका दावा है कि उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं मिला और न ही सुनवाई के दौरान उनका पक्ष रखा गया। उमराव ने बताया कि पटवारी से उन्हें पता चला कि बंटवारे के आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले को फर्जी बताते हुये उच्च राजस्व अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की। आरोप लगाया कि बंटवारा प्रकरण में उन्हें पक्षकार होने के बावजूद न तो सूचना दी गई और न ही उनकी मौजूदगी में सुनवाई हुई। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये बिना आदेश पारित कर दिया गया। उमराव कुशवाहा ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आवेदन देकर 22 जून के बंटवारा आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन किसी भी बेटे को देने की सहमति नहीं दी है और न ही वे बंटवारा कराना चाहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवेदन की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी।