सागर : अवैध बीज बिक्री, दुकानदार पर केस दर्ज
कृषि विभाग ने शिकायत पर की कार्यवाही, लाइसेंस नहीं मिला
सागर/खुरई। खिमलासा में अवैध रूप से सोयाबीन बीज बेचने के आरोप में कृषि विभाग ने एक दुकानदार पर मामला दर्ज कराया है। किसानों की शिकायत के बाद विभाग ने यह कार्यवाही की। बुधवार शाम को जांच में अवैध बीज बिक्री की पुष्टि होने पर यह कदम उठाया गया। कृषि और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने खिमलासा स्थित बाहुबली जैन की शांति ऑटो पार्ट्स दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बाहुबली जैन के पास बीज बेचने के लिये कोई वैध दस्तावेज या बीज लाइसेंस नहीं पाया गया। टीम को गोदाम से 30-40 किलोग्राम क्षमता की खाली बीज की बोरियां मिली, जिन पर बीज अंकित था। इसके अलावा सोयाबीन के बिखरे दाने भी पाये गये, जिससे अवैध बिक्री की पुष्टि हुई। टीम ने मौके पर पंचनामा बनाया। वहां मौजूद 16 किसानों ने बाहुबली जैन से बीज खरीदने की पुष्टि की, कुछ ने ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट और रसीदें भी प्रस्तुत की। दुकानदार बाहुबली जैन ने भी किसानों को सोयाबीन बेचने की बात स्वीकार की। शिकायतकर्ता किसानों ने बताया कि बाहुबली जैन ने 25 जून से 1 जुलाई के बीच जेएस 2303ए एम 85ए और पीएस 1569 प्रजाति के नाम पर सोयाबीन बीज 10 से 12 हजार रुपये प्रति मि्ंटल की दर से बेचा था। बुवाई के-7 दिन बाद भी बीज अंकुरित नहीं होने पर किसानों ने खुरई कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। उपसंचालक कृषि राजेश त्रिपाठी ने किसानों से अपील की है कि वे केवल वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही पक्के बिल के साथ बीज खरीदें और बुवाई से पहले अंकुरण परीक्षण अवश्य करें। उन्होंने किसानों से किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग को देने का आग्रह किया। त्रिपाठी ने कहा कि अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने और किसानों के हितों की रक्षा के लिये भविष्य में भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी। कार्यवाही में अनुविभागीय कृषि अधिकारी जयदत्त शर्मा, खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी राजू चौहान, कृषि विस्तार अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह, महेंद्र जाटव, आरक्षक चंद्रशेखर, आरक्षक गौरव व आरक्षक मलखान उपस्थित रहे। राजेश त्रिपाठी ने बताया कि विस्तृत जांच के पश्चात बिना वैध लायसेंस के अवैध तरीके से सोयाबीन को पैक बोरियों में बीज के रूप में विक्रय करने पर बाहुबली पिता संते जैन के विरूद्ध बीएनएस 2023 की धारा 318/4, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 एवं बीज नियंत्रण आदेश 1983 की धारा 3 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।