तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी का निधन, मंगलवार को शासकीय कर्तव्य निभाने के बाद रुके थे शासकीय आवास में
डॉक्टरो का कहना कि प्रारंभिक तौर पर साइलेंट अटैक से हुआ है निधन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही होगा कारण स्पष्ट
तेंदूखेड़ा। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ मनीष बागरी 42 वर्ष का मंगलवार बुधवार दरमियानी रात्रि आकस्मिक निधन हो गया। ऐसा चिकित्सकों द्वारा बताया गया है हालांकि जब भी सुबह 10:00 बजे तक वे सोकर नहीं उठे तो उन्हें कर्मचारियों ने उठाया लेकिन किसी तरह की हलचल न होने के कारण अस्पताल लाया गया जहां पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया उनके निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों एवं नगरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात्रि में श्री बागरी अपने जनपद पंचायत परिसर स्थित शासकीय आवास पर भोजन करने के बाद विश्राम के लिए चले गए थे। बुधवार सुबह लगभग 10 बजे जब कर्मचारी उन्हें चाय देने पहुंचे तो काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आकस्मिक निधन की जानकारी लगने पर मध्य प्रदेश शासन की मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जिले के अधिकारी सहित सब डिवीजन के अधिकारी पहुंचे-- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सी.जी. गोस्वामी, तहसीलदार विवेक व्यास, एसडीओ (वन) प्रतीक दुबे, वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रेयांश जैन, तारादेही वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र गुर्जर, प्रभारी कलेक्टर दमोह प्रवीण फुलपगार, एसडीएम दमोह सौरभ गंधर्व, एसडीओपी अर्चना अहीर, नगर निरीक्षक रवींद्र बागरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनपद पंचायतों के कई मुख्य कार्यपालन अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और शोक व्यक्त किया। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री धर्मेंद्र सिंह ने भी उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। मंगलवार को श्री बागरी ने सामान्य रूप से अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन किया था। वे तहसील कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शामिल हुए, इसके बाद जनपद पंचायत के एपिकोर कार्यक्रम में उपस्थित रहे। बाद में वे दमोह तथा सागर में आयोजित एक विदाई समारोह में भी शामिल हुए और रात्रि में तेंदूखेड़ा लौट आए। वे प्रायः जबलपुर से तेंदूखेड़ा आना-जाना करते थे तथा देर होने पर शासकीय आवास पर ही रुकते थे। उनका परिवार जबलपुर में रहता था उनकी पत्नी , एक छोटा बेटा लगभग तीन वर्ष और लगभग 11 वर्ष की बालिका है नगर से उन्हें था काफी लगाव-- मनीष बागरी ने वर्ष 2016 में पहली बार जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के सीईओ का पदभार संभाला था। वर्ष 2019 में उनका स्थानांतरण मंडला जिले में हुआ। विभिन्न जगहो में सेवाएं देने के बाद वर्ष 2023 में उनकी पुनः दमोह जिले में वापसी हुई। पहले वे जबेरा जनपद पंचायत के सीईओ रहे और बाद में पुनः तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत के सीईओ का दायित्व संभाला। अपने कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सरल, मिलनसार और कार्यकुशल छवि के कारण वे अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। घटना की सूचना मिलने पर उनके परिजन भी तेंदूखेड़ा पहुंचे। इनका कहना-- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ डॉक्टर अशोक बरोनिया का कहना है कि जनपद सीईओ की मौत साइलेंट अटैक से हुई है ऐसा लग रहा है लेकिन दो चिकित्सकों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सकों के प्रारंभिक तौर पर हृदयाघात की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।