पुलिस की बड़ी सफलता: हत्या के मामले में पैरोल से फरार सजायाफ्ता आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार
तेंदूखेड़ा। पुलिस ने हत्या के प्रकरण में कारावास की सजा प्राप्त कर पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार चल रहे आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना तेजगढ़ क्षेत्र के हत्या के एक प्रकरण में न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास से दंडित आरोपी दशरथ अहिरवार पिता धनुआ अहिरवार, उम्र 41 वर्ष, निवासी झलौन को वर्ष 2019 में पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी वापस जेल नहीं लौटा और लगातार फरार चल रहा था। आरोपी की अनुपस्थिति के कारण माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया था
पुलिस अधीक्षक दमोह आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए गए अनुविभागीय अधिकारी तेंदूखेड़ा अर्चना अहीर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा तकनीकी एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से लगातार तलाश की गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र राज्य के उस्मानाबाद जिले के अंबी गांव में चिन्हित की। योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत दमोह लाया गया तथा न्यायालय, दमोह के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे पुनः जेल भेज दिया गया।पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया है। यह कार्रवाई फरार अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान की सफलता का महत्वपूर्ण उदाहरण है तथा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यवाही इनका रहा योगदान
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसडीओपी अर्चना अहीर, थाना प्रभारी तेंदूखेड़ा सरोज ठाकुर, नगर निरीक्षक रावेद्र बागरी थाना प्रभारी जबेरा, आलोक त्रिरपुरे थाना प्रभारी तारादेही, अरविंद सिह थाना प्रभारी तेजगढ़ , सहायक उप निरीक्षक गजराज सिंह, प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी, आरक्षक विशाल बैन, आरक्षक भगत सिंह, साइबर सेल दमोह के प्रधान आरक्षक सौरव टंडन, प्रधान आरक्षक राकेश अठ्या तथा आरक्षक मयंक बढ़गैया का सराहनीय योगदान रहा