सागर : बीटेक छात्र ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल लोन एजेंट्स की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर की आत्महत्या
सागर/बीना। सागर विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल लोन एजेंट्स की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पाकिस्तानी नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। मोबाइल में ऐसे चैट भी मिले हैं, जिनमें परिवार की तस्वीरों को न्यूड बनाकर वायरल करने की धमकी दी गई थी। छात्र के बड़े भाई की शादी 7 जुलाई को होनी थी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अशोकनगर जिले के औडेर गांव निवासी अमन प्रजापति 21 के रूप में हुई है। वह सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था। शुक्रवार देर शाम वह बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज में रुका था। लॉज संचालक राजू सोनकर ने बताया कि अमन ने कमरा नंबर.103 बुक कराया था। उसने सुबह प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिये समय पर जगाने को कहा था। सुबह कर्मचारी उसे जगाने पहुंचा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर अमन फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया। मृतक के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि अमन सागर के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास और पोद्दार कॉलोनी में रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह 2 जुलाई को बिना बताये घर से निकल गया था। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं चलने पर गोपालगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। सुनील प्रजापति ने बताया कि अमन के मोबाइल की जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिली। फोन में पाकिस्तान के नंबरों से लगातार कॉल आने के रिकॉर्ड मिले। इन कॉल्स के जरिये उससे साइबर ठगी कर पैसे ऐंठे जा रहे थे। मोबाइल में ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि अलग-अलग लोन एजेंट भी लगातार कॉल कर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। अमन ने परिवार को इस दबाव के बारे में कभी नहीं बताया था। उसकी मौत के बाद ही पूरा मामला सामने आया। अमन चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश प्रजापति की शादी 7 जुलाई को होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अमन की मौत की खबर से खुशियां मातम में बदल गई। बीना की छोटी बजरिया चौकी प्रभारी आरके जोरम ने बताया कि मृतक का मोबाइल लॉक है। फोन को जांच के लिये जब्त किया गया है। पाकिस्तान के नंबरों से आये कॉल और चैट की जांच की जा रही है। साइबर फ्रॉड नेटवर्क और लोन एजेंट्स की प्रताड़ना की भी जांच होगी।