“रेट लिस्ट कहाँ है?” भेष बदलकर शराब दुकान पहुंचे मनी सिंह गुरन, कथित ओवररेट बिक्री पर उठाए सवाल
दमोह की तर्ज पर सागर में भी शराब दुकानों का औचक निरीक्षण कराने की मांग
सागर। सागर जिले में शराब की बिक्री को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच शिवसेना मध्य प्रदेश के राज्य संगठक मनी सिंह गुरन ने शराब दुकानों की बिक्री व्यवस्था और रेट लिस्ट के प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मनी सिंह गुरन के अनुसार, शराब बिक्री की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे भेष बदलकर स्वयं एक शराब दुकान पर पहुंचे। उनका दावा है कि वहां शराब निर्धारित दर के अनुसार न देकर कथित रूप से अधिक कीमत पर बेची जा रही थी और अधिकृत रेट लिस्ट भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं थी।
उनके अनुसार, जब उन्होंने दुकानदार से इस संबंध में सवाल किया और शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही, तो दुकानदार ने कथित तौर पर कहा कि “कर दो, पैसा ऊपर तक जाता है और ठेकेदार का सब सेट है। जहाँ जाना हो जाओ। दारू लेना है तो लो, वरना निकलो।”
मनी सिंह गुरन ने कहा कि इस कथित बातचीत और बिक्री व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
दमोह की तर्ज पर सागर में भी हो औचक निरीक्षण
मनी सिंह गुरन ने कहा कि दमोह जिले में शराब दुकानों के औचक निरीक्षण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य शराब बिक्री में नियमों के पालन, निर्धारित दरों और अन्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करना है।
उन्होंने कहा कि यदि दमोह में शराब दुकानों की जांच के लिए प्रशासनिक स्तर पर औचक निरीक्षण किए जा सकते हैं, तो सागर जिले में भी इसी प्रकार की निष्पक्ष और व्यापक जांच क्यों नहीं होनी चाहिए?
उन्होंने सागर कलेक्टर से मांग की है कि दमोह की तर्ज पर सागर जिले की शराब दुकानों का औचक निरीक्षण कराया जाए, विशेष रूप से उन दुकानों की जहां निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं करने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
“एक तरफ नशामुक्ति, दूसरी तरफ ओवररेट का आरोप”
मनी सिंह गुरन ने कहा कि एक ओर शासन एवं प्रशासन द्वारा नशामुक्ति और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शराब बिक्री व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं।
उन्होंने मांग की कि जिले की सभी शराब दुकानों पर अधिकृत रेट लिस्ट प्रमुख स्थान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराई जाए, ताकि आम उपभोक्ता को निर्धारित कीमत की जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी दुकान पर निर्धारित नियमों का उल्लंघन या अधिक कीमत वसूलना प्रमाणित होता है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मनी सिंह गुरन का सीधा सवाल
“अगर शराब की बिक्री पूरी तरह नियमों के अनुसार हो रही है, तो रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से लगाने और दुकानों का औचक निरीक्षण कराने में परेशानी क्या है?”
मनी सिंह गुरन ने सागर कलेक्टर एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दमोह की तर्ज पर सागर जिले में भी व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाए, ताकि आम जनता के सामने शराब बिक्री की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह मामला केवल शराब की कीमत का नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब, उपभोक्ता अधिकार, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही का है।