मनी सिंह गुरोन (MSG) के नाम ₹1.87 लाख की टैक्स डिमांड पर सवाल, नगर पालिका को 7 दिन का कानूनी नोटिस
सागर/मकरोनिया। मकरोनिया नगर पालिका द्वारा मनी सिंह गुरोन (MSG) के नाम जारी करीब ₹1.87 लाख की संपत्ति कर मांग को लेकर मामला गरमा गया है। MSG की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने नगर पालिका परिषद मकरोनिया के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और संपत्ति कर/राजस्व अधिकारी को रजिस्टर्ड कानूनी नोटिस भेजकर पूरी मांग को गलत बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
नोटिस के मुताबिक नगर पालिका ने प्रॉपर्टी आईडी 1003829713 के आधार पर मनीसिंह के नाम वित्तीय वर्ष 2025-26 का ₹1,74,541 और वर्ष 2026-27 तक कुल ₹1,87,479 संपत्ति कर बकाया बताया है। नोटिस में सात दिन के भीतर भुगतान नहीं करने पर कुर्की की कार्रवाई और समाचार पत्र में नाम प्रकाशित करने की बात भी कही गई थी।
MSG का दावा—“मेरे नाम पर यह संपत्ति ही दर्ज नहीं”
कानूनी नोटिस में मनी सिंह गुरोन (MSG) की ओर से दावा किया गया है कि मकरोनिया के आदिनाथ वार्ड में उनके नाम पर संबंधित संपत्ति दर्ज ही नहीं है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रॉपर्टी आईडी 1003829713 उनके नाम पर गलत तरीके से दर्ज हुई है।
वहीं, नोटिस के अनुसार संबंधित वास्तविक संपत्ति MSG की माता डॉ. त्रिपत कौर के नाम प्रॉपर्टी आईडी 1003829712 में दर्ज है। इस संपत्ति के लिए 7 मार्च 2026 को ₹40,650 संपत्ति कर जमा किए जाने की रसीद का भी नोटिस में उल्लेख किया गया है।
एक अंक का फर्क, लाखों की टैक्स डिमांड!
नोटिस में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि दोनों प्रॉपर्टी आईडी में महज एक अंक का अंतर है—
1003829712 और 1003829713।
पता भी लगभग समान बताए जाने पर अधिवक्ता ने नगर पालिका के रिकॉर्ड में गंभीर लिपकीय त्रुटि, लापरवाही अथवा गलत प्रविष्टि की आशंका जताई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि एक ही संपत्ति को लेकर अलग-अलग वार्ड नंबर दर्ज किए जाने से नगर पालिका के अभिलेखों की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं।
7 दिन का अल्टीमेटम, वरना कानूनी कार्रवाई
MSG की ओर से भेजे गए नोटिस में नगर पालिका को 7 दिन का समय दिया गया है। मांग की गई है कि मनीसिंह के नाम जारी टैक्स डिमांड तत्काल निरस्त की जाए, रिकॉर्ड में सुधार किया जाए और इसकी लिखित पुष्टि दी जाए।
इसके साथ ही नोटिस में गलत नोटिस के कारण हुए मानसिक, शारीरिक और प्रतिष्ठा संबंधी नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति तथा जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर मध्यप्रदेश शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, कलेक्टर तथा आयुक्त सागर संभाग के समक्ष शिकायत के साथ सक्षम न्यायालय में सिविल एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस खर्च के रूप में ₹5,000 की राशि अलग से वसूलने की बात भी कही गई है।
नोट: उपरोक्त आरोप और दावे MSG की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में किए गए हैं। अगर इस मामले में नगर पालिका का पक्ष सामने आता है तो आपके समक्ष रखा जाएगा...