आज बोए गए बीज कल बनेंगे हरियाली की पहचान-- भाव सिह लोधी दो लाख सीड बॉल अभियान की ओर बढ़ते कदम, इमलीडोल में डाली गईं 20 हजार सीड बॉल
तेंदूखेडा। पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन एवं हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से ग्रामीण विकास समिति द्वारा जुलाई माह में संचालित सीड बॉल अभियान के अंतर्गत शनिवार को इमलीडोल के वन क्षेत्र की खाली पड़ी भूमि में 20 हजार सीड बॉल डाली गईं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के पिता भावसिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहे और स्वयं सीड बॉल डालकर अभियान में सहभागिता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री लोधी ने कहा कि आज धरती की गोद में सौंपे जा रहे ये बीज आने वाले वर्षों में विशाल वृक्षों का रूप लेकर पर्यावरण संरक्षण, वर्षा संतुलन, जैव विविधता के संवर्धन तथा लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति संरक्षण के ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा अधिक से अधिक पौधारोपण एवं वृक्ष संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। अभियान में ग्राम इमलीडोल वन समिति के सदस्य, ग्रामवासी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएँ, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक श्रमदान करते हुए वन क्षेत्र की खाली भूमि में 20 हजार सीड बॉल डालकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। ग्रामीण विकास समिति के कार्यक्रम संगठक धरमदास पाल ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान दो लाख सीड बॉल डालने का व्यापक अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक रूप से अधिक से अधिक पौधों का अंकुरण सुनिश्चित करना, वन क्षेत्रों का पुनर्जीवन करना, हरित आवरण में वृद्धि करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में क्षेत्र के अन्य वन क्षेत्रों में भी स्थानीय समुदाय एवं वन समितियों के सहयोग से इसी प्रकार के सीड बॉल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में वन समिति के पदाधिकारी, ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता, पंचायत सचिव, शिक्षक सहित लगभग पचास लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। यह अभियान स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में उभर रहा है।